Azan Ke Baad Ki Dua
Azan Ke Baad Ki Dua जैसा की आप सब लोग जानते है कि, नमाज़ के ठीक पहले अज़ान पढ़ी जाती है।यह मुसलमान भाइयों को नमाज़ पढ़ने की दावत देने का एक तरीका है। अज़ान के ठीक बाद एक दुआ पढ़ी जाती है,जो कि हर मुसलमान को याद होना जरूरी है।आज हम इस दुआ को तमाम जुबानो में पेश कर रहे है।अपनी सहूलियत के हिसाब से आप हजरात इसको याद कर सकते है। अज़ान के बाद की दुआ हिंदी में/Azan Ke Baad Ki Dua Hindi mein अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़ीहिल दावती-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मदानिल वसिलता वल फ़ज़ीलता वद्दरजतल रफ़ीअता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व्’अत्तहू वर ज़ुक्ना शफ़ाअतहु यौमल क़ियामती इन्नका ला तुखलिफुल मियाद। दुआ का तर्जुमा (अर्थ) ए अल्लाह ! ए परवरदिगार इस पूरी पुकार और कायम होने वाली नमाज़ के रब हज़रत मुहम्मद स.अ. को वसीला और फ़ज़ीलत और बुलंद दर्ज़ा अता फरमा और उनको मक़ामे महमूद में खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया और हमें कयामत के दिन उनकी शफाअत से बहरामंद कर। बेशक तू वादा खिलाफी नहीं करता। अज़ान के बाद की दुआ अरबी में/Azan Ke Baad Ki Dua Arbi mein अज़ान के बाद की दुआ उर्दू में/Azan Ke Baad Ki D...